शनिवार, 23 सितंबर 2023

भारत की नारी सम्मान नीति

 भारत की नारियों को मिल रहा सम्मान


(एक कवि की काव्य रचना) भोजपुरी भाषा में लिखी गई यह कविता अपने पाठकों के लिए समर्पित कर रहे हैं।


खाली कहला से नारी के सम्मान ना मिली

जबले दिलवा में सबके ऊ स्थान ना मिली

बार बार मंच से एलान रउवाँ होला
बेटी बचावा सभे बिटियो के पढ़ावा
अबहिन ले कउनो परिणाम ना देखाला
काहे रोज बिटियन के इज्जत लुटाला
बड़ेबड़े कानून संविधान में लिखाला
मिले नाहीं न्याय, कानून जब बिकाला
चाहे केतनो राउर भाषण रोज दिहिब
नारी शक्ति के जबले उपहास ना रुकी
खाली कहला से नारी के सम्मान ना मिली
बड़े बड़े वादा रोज करेला बिरनवां
नोचल जालीं नारी रोज सबके सम्हनवां
कबले कृष्ण बनके अइबा द्रोपदी के गोहनवाँ





सगरी समाज भइल जाता ब्यभिचारी
फारफार आँख झाँके सोचे ना बिचारी
घरवा में जेकरे होनी बिटिया कुँवारी
खींचेले दुपट्टा मारे मुसुकी हृजाई
कबले कनियाँ लड़िहैं गुंडई बेमान हो गइल
खाली कहले से नारी के सम्मान ना मिली
थाना  पुलुस जेल बनल कचहरिया
बिक जाला सबही जहाँ दिन दुपहरिया
बिकेला इमान होले खुलके गुंडइया
कइसे डेरइहैं जुल्मी साथे जेकरे मुदइया
बहुत मेहनत से लिखाला केस जहवाँ
गिरफ्तारी से पहिले दियाले बेल जहवाँ
एइसन नीति से  डेराई केहू केतना
रोज लूटल जाई इज्जत इंसाफ ना मिली
खाली कहला से नारी के सम्मान ना मिली





बहुत होला देर काहे केस चले लम्मा
खेत गहना बेच कबले केस लड़िहैंअम्मा
फीस लागी ढेर ,कहीं से करजा ना मिली
देखी जवानी वकीलो भी घूरी
बहस में बार बार बलत्कार  कइल जाला
कहाँ कहाँ हाथ धइलस सबके सम्हनवैं पूछाला
मुकरी गवाह जे तो खिलवाड़ होई इजतिया
हँसत हँसत छूट जालै काहे निरदइया

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