रविवार, 26 नवंबर 2023

औरत तेरी यही कहानी * एक थी मालती

मालती चौहान
 


औरत तेरी यही कहानी --एक थी मालती चौहान


नमस्कार, प्रणाम, आदाब,सत् श्रीअकाल।
आज एक ऐसी कहानी लेकर आया हूँ जो शायद हर किसी को झिंझोड़ कर रख दे।मानवता को शर्मसार करती एक ऐसे युगल की कहानी जो आज किसी परिचय की मोहताज नहीं थी।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सटे संतकबीरनगर जिले के बहुत ही मशहूर खलीलाबाद क्षेत्र के एक गांव की एक गरीब परिवार में जन्मी, पलीबढ़ी बेटी की दुखभरी कहानी,जब उसी की जुबानी एक वीडियो के माध्यम से सुनीऔर उसके कुछ ही दिन बाद उस मजबूर, बेबस और लाचार महिला ने अपने दो साल के बेटे को रोते बिलखते इस दुनियां को अलविदा कह कर एक ऐसी जगह चली गई जहाँ से कोई वापस नहीं आता।उजड़ गई उसकी दुनियाँ।

मालती चौहान एक यूट्यूबर


   जी हाँ, एक यूट्यूबर थी मालती चौहान।जिसने अपने घर में छोटे छोटे रील्स बनाकर यूट्यूब पर पोस्ट करती थी।उसके चैनल का नाम था 'मालती चौहान फन'और उसके साथ ही उसने बहुत ही कम समय में अपने नाच गाने और उलजुलूल वीडियो के माध्यम से बहुत ही शोहरत हासिल कर लिया।उसके लाखों में सब्सक्राइबर हो चुके थेऔर खूब व्यूज भी आते थे।जिससे होने वाली कमाई से उसका घर का खर्चा बड़े आराम से चलने लगा था।यूट्यूब चैनल पर वीडियो डालकर उससे उसने इतना पैसे कमालिये थे जिससे उसने अपना पक्का मकान भी बनाया था।अब उसके गाँव की पहचान उसके नाम से होने लगी थी।लेकिन यहाँ उसकी एक छोटीसी भूल या या यूँ कहें कि उसकी एक छोटीसी गलती उसके लिए इतनी बड़ी मुशीबत बन जायेगी, उसने कभी नहीं सोचा होगा।
उसने अपनी वीडियो में बताया था कि जब वह छोटी थी और अभी शादी भी नहीं हुईथी तब माता पिता के घर में भी उसे वह दर्जा हासिल नहीं हो सका जिसकी वो हकदार थी।घर में भी हमेशा उसपर मार पड़ती रहती थी।उसकी छोटीछोटी गलतियों पर घर के लोग उसे पीट दिया करते थे।उसके कहने के अनुसार हफ्ते दस दिन बीतते बीतते एकाध बार तो उसकी पिटाई होना निश्चित था।पता नहीं किस मिट्टी की बनी थी वो और कैसी किसमत लेकर पैदा हुई थी मालती चौहान।

सोहरत और पैसों के लिए बनी यूट्यूबर

चलिये समय बीता और एक दिन मालती शादीकरके ससुराल आ गई।तो उसे लगा कि चलो अब शायद उसे मार से छुटकारा मिल गया हो और यहाँ ससुराल में पति का खूब सारा प्यार मिलेगा और वह अपनी पुरानी यादों को भुलाकर एक नई जिंदगी की शुरुआत करेगी।उसने अपने पति के साथ मिलकर यूट्यूबर बन गई और इतनी शोहरत,लोगों की मोहब्बत और अपने चहेते बना कर इतनी मशहूर हो गई जिसका उसे अंदाजा नहीं था।लेकिन यह खुशी भी उसका साथ ज्यादा दिन तक नहीं दे सकी।पति के साथ अनबन शुरू हो गई।

पति की प्रताड़ना

     कम समय में ज्यादा शोहरत पाने के लिए उसने गलत रास्ते पर कदम बढ़ाया और अपने वीडियो में कुछ अश्लीलता से भरपूर मनोरंजन परोसने लगी।कुछ बेशर्मी से वीडियो बनाने और रील्स को सोसल मीडिया में चलाने से उसके इतने सारे सब्सक्रिप्शन आने लगेकि उसने और दिलचस्पी  के ऐसे ही वीडियो को बनाने लगी।खूब व्यूज भी आने लगे और कमाई भी होने लगी।उसके दीवानों की भी कोई कमी नहीं थी।आखिर एक दिन मालती चौहान के पति को भी यह बात समझ में आने लगी।मालती जब वीडियो/रील्स बनाती थी तो उसके कैमरामैन का दिल मालती को देखकर मचलने लगता था।जिसका नाम था -- अर्जुन वर्मा।उसका अपना खुद का धंधा था, जहाँ पन्द्रह सोलह लोग काम भी करते थे।लेकिन प्यार का नशा उसे भी नहीं छोड़ा।कभी मालती उसे भाई बोलती थी और उसे राखी भी बाँधती थी लेकिन वह उसका कोई सगा भाई तो था नहीं।इसलिये कब मालती उसके इश्क में फँस गई उसे पता ही नहीं चला।मन ही मन चाहने लगी तो मोबाइल पर चैटिंग शुरू हो गई।ऐसा नहीं था कि उसके पति विष्णु राज को यह सब पता नहीं था।उसे भी यह सब पता था और उसने अपने तरफ से मालती पर कोई रोकटोक नहीं लगाया।क्योंकि विष्णु राज खुद एक लड़की के प्रेम जाल में फँस चुका था। और उस लड़की का नाम था राधिका।कहीं न कहीं विष्णु राज राधिका से शादी करने के मूड में था और मालती रास्ते का रोड़ा बन रही थी।

पति ने पत्नी की बिना तलाक दिये दूसरे से शादी कराई

अब वह मालती को हमेशा प्रताड़ित किया करता था और मारपीट कर उससे अपनी बात मनवाने में कामयाब हो जाता है।इन लोगों के पास यूट्यूब से अच्छा खासा कमाई हो रहा था तो एक दिन रात में मालती चौहान का पति एक मन में योजना बनाकर अर्जुन वर्मा को फोन लगाकर उसे कहीं बुलाकर उसके साथ मालती का ब्याह रचाने का खेल खेलता है।मालती भी खुशी खुशी इस विवाह के लिए राजी हो जाती है।बकायदा पूरी घटना की वीडियोग्राफी विष्णु राज करता है ताकि लोगों को यह पूरी घटना एकदम रीयल लगे।अब अर्जुन वर्मा को यह बात मजाक लग रही थी और वो इसे टीआरपी का एक हिस्सा मान रहा था कि शायद यह विष्णु का कोई नया प्लान हो।क्योंकि मालती चौहान और विष्णु राज का कोई डिवोर्स या तलाक तो हुआ नहीं था।शायद मालती को यहसब कैसा लग रहा था, पता नहीं कि आखिर उसका पति बड़ी खुशी से अपनी पत्नी को भला कैसे किसी गैर मर्द को सौंप देगा।इसलिये मालती इस पूरे घटनाक्रम को हँसते हुए इंज्वॉय कर रही थी।मौके पर सिंदूर नहीं था तो पीले रंग के अबीर से अर्जुन वर्मा मालती की माँग भरते हुए वीडियो में देखा जाता है।

टीआरपी और व्यूज का नशा


यह कहानी किसी को समझ में नहीं आती है कि यहसब सिर्फ टीआरपी के लिए या ज्यादा से ज्यादा व्यूज के लिए किया गया या हकीकत में यह एक शादी थी।अब अगर यह एक हकीकत थी तो पहले विष्णु राज और मालती चौहान का तलाक होना चाहिये था और मालती की अर्जुन वर्मा के साथ शादी में मालती के माता पिता भाईबंधुओं को भी होना चाहिये था और यदि वे नहीं भी आते तो जानकारी तो होनी ही चाहिए थी।गांव के कुछ लोगों की उपस्थिति दर्ज होनी चाहिये थी या फिर पुलिस महकमे को खबर होनी चाहिए थी लेकिन किसी को कानों कान खबर नहीं होती है और मालती विष्णु राज से अलग होकर अर्जुन वर्मा की पत्नी बन जाती है और इतना ही नहीं उस रात होटल का खर्च भी अर्जुन को विष्णु राज ही देता है।और कहता है कि जाओ और मालती के साथ ऐश करो।
मालती भी दो साल के एक बेटे की माँ थी और अर्जुन वर्मा के भी एक बेटी है।

कितनी हकीकत और कितना फसाना

मैं यहाँ एक बात लिखना चाहता हूँ इस घटना को सुनकर कि *औरत तेरी यही कहानी,आँचल में दूध आँखों में पानी।*ये औरत और गाय दोनों की एक समान जिंदगी लगती है मुझे।जिस तरह लोग अपने पालतू पशुओं को अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए किसी के भी हाथ बेच देते हैं।और अब वह उसे चाहे मारे पीटे या काटकर खा जाये,उसकी मरजी।क्योंकि अब वह उसकी हो चुकी है।लेकिन आज जोकुछ मालती चौहान के साथ हुआ, क्या उसके साथ ऐसा होना चाहिये था?वह एक जीतीजागती इंसान थी।वह इतना कमा लेती थी कि अपने साथ अपने परिवार का खर्चा उठा रही थी लेकिन उसकी एक छोटी सी भूल उसे आत्महत्या के करने के लिए मजबूर कर दिया और वह न चाहते हुए भी अपनी जिंदगी से मुंह मोड़लिया।

मालती की मौत का राज* हत्या या आत्महत्या

   उसकी मौत हुई या हत्या ये किसी को पता नहीं है।सबने वही देखा जो दिखाया गया।फंदे पर झूलती हुई मालती चौहान की लाश।और यह वीडियो जो मालती ने मरने से कुछ समय पहले बनाया था।समय से पहले किसी ने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरकर उसका हौसला बढ़ाया होता तो शायद उसकी जिंदगी बचायी जा सकती थी।पूरी तरह से निराश और हताश होकर जब उसने अपनी व्यथा बयां कर रही थी तो किसी ने उसपर ध्यान नहीं दिया।फिर वह वीडियो  भी खूब चला।लेकिन शायद ही किसी ने सोचा होगा कि अब उनकी चहेती हमेशा हमेशा के लिए इस दुनियां को अलविदा कहने वाली है।

मालती चौहान की यह वीडियो अपनी जिंदगी के उन पहलुओं को बयां करती है जिसे लोगों से छिपाये रखा


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जब यह खबर मीडिया में आती है तो  इनके फालोअर्स चौंक जाते हैं।लोगों के कमेंट आने लगे हैं।कोई भला बुरा बोलता है तो कुछ मजे लेते हैं तो कुछ उन्हें धिकारते हैं और कोसते भी हैं।और फिर दोचार रात अर्जुन के यहाँ बिताने के बाद मालती अपने मायके चली जाती है और फिर वहां से अपने पहले पति विष्णु राज के घर आ जाती है।लेकिन तबतक लोगों के कमेंट से इतनी टूट चुकी होती है कि उसे अपनी बसी बसाई जिंदगी में उसे बदनामी और किल्लत के सिवा कुछ भी दिखाई नहीं देता है और वह अपना एक रोरोकर वीडियो बनाती है।और अपने सभी दर्शकों से अपनी गलतियों पर माफी भी माँगती है।लेकिन इस जिंदगी से पूरी तरह वह टूट चुकी होती है और कहीं न कहीं उसे यह आभास हो रहा था कि वह अब और नहीं जीवित रहने वाली है।उसे मौत का खौफ साफ उसके वीडियो में देखा जा सकता है।उसे उसके पति के द्वारा हमेशा प्रताड़ित करने का दर्द, उसके मारने पीटने की पीड़ा अब उसके लिए असहनीय हो चुकी थी।इतने सारे दर्द को अपने सीने में दबा कर वह पता नहीं कैसे अपने चहेतों के लिए हर एक वीडियो हँसते हँसते शूट करती थी और उसकी यह पीड़ा शायद ही कभी किसी ने देखा और समझा हो।विगत 23नवंबर2023 की रात उसकी जिंदगी की आखिरी रात थी।उसका दो साल का बेटा दूसरे कमरे में विष्णु राज की मौसी के पास सोया था।मालती की लाश छत के पंखे से साड़ी के फंदे से झूलती हुई पायी गई।

जैसे ही मालती चौहान के मरने की खबर फैली मीडियाकर्मियों के साथ साथ ढेर सारे यूट्यूबर अपने अपने कैमरे और मोबाइल लेकर वहां पहुचने लगे।खूब हो हल्ला मचाया जाता है और आन द स्पाट वीडियो बनाने का जो सिलसिला जारी होता है वो रुकने का नाम नहीं लेता।जगह जगह चारछ लोग इकट्ठे हो होकर वीडियो बना बना कर खूब चला रहे थे।जिससे लोगों के व्यूज भी खूब आ रहे थे।यहाँ तक कि मालती चौहान के शवदाह तक के खूब वीडियो बनाकर शेयर किया गया।शायद ऐसा पहली बार हुआ कि किसी यूट्यूबर के इस तरह अचानक दुनियां से चले जाने के बाद इतने सारे यूट्यूबर अपने लिये मसाला तलाशने वहां पहुँचे हों।


आखिर में मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा कि किसी की मौत को अपने कमाई का जरिया न बनाया जाय।ये गमगीन माहौल है, उसका जश्न न मनाया जाय।आप उसके घर जायें तो हो सके तो आँसू पोंछकर आना उनके, धधकती हुई ज्वाला में घी डालकर मत आना।

इस समाज के लिए आज के उन कलाकारों के लिए भी दो शब्द मेरे पास बचे हैं तो मैं उन्हें भी कहना चाहता हूँ कि इतनी शोहरत और पैसे का क्या करना।जियो जी भर लेकिन अपनी इज्जत को कभी दाँव पर मत लगाना।इज्जत उछाल कर पैसे तो कमाये जा सकते हैं लेकिन उन पैसों से इज्ज़त कभी नहीं खरीद सकते।सुख के साधन खरीद सकते हैं लेकिन सुख नहीं।महल तो बना सकते हैं लेकिन सुकून देने वाली नींद खरीदी नहीं जाती।आजकल लोग गंदे गंदे अश्लील गीतों पर गंदे गंदे ऐक्ट करके सामान्य घरों की लड़कियाँ, बहुएँ रील्स बना रही हैं और उससे खूब पैसे भी कमा रही हैं लेकिन यह उचित नहीं है।उनके घरवाले पता नहीं किस स्वभाव के हैं जो कभी मना नहीं करते।इससे उनकी डाँस प्रतिभा तो सबको दिखती है लेकिन उनके कौनकौन से अंगों को लो निहारते हैं शायद उसे घरवाले अनदेखा कर देतेहैं।
आज अगर मालती चौहान लोगों के कमेंट को झेलने की क्षमता रखती,अपनी बदनामी की आग में न जलती तो उसकी लाश फांसी के फंदे पर नहीं देखने को मिलती।उसकी मौत का जिम्मेदार कौन है, यह जनता जो उसे नशीहत दे रही थी या उसका प्रेमी या उसका पति या फिर कोई और?यह प्रशासन के लोग तय करेंगे।मुकदमा चलेगा तारीख पड़ेगी और बहुत साल बाद या तो कानून मुजरिम को ढूंढ निकालेगा या सबूतों के अभाव में बाइज्जत बरी हो जायेगा।

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