भोजपुरी गीत
नाहीं चोट लागे एतना बरछी कमान से
कइ दिहलू घायल नजरिया के बान सेआइल जबसे तोहरी जवानी
जोबना जुलुम मचवले बा
3 इंच के चोली तोहार
देखिके मनवाँ मचलेला
रोजरोज चोलिया फार देलू तानतानके
कइ दिहलू घायल नजरिया के बान से
बीत गइल बचपन अब आइल जवानी
पनिया में अगिया लगावेलू रानी
गिरावेलू काहे बिजुरी
अब हमरे परान पे
कइ दिहलू घायल नजरिया के बान से।
नाक के नथुनी चमचम चमके
जइसे चमके दामिनि
केश लहराले पीठ पर अइसे
लोटे जइसे नागिन
कजरा के कोर कटार बनाके
मुअवलू अँखियाँ मारके
कइ देहलू घायल नजरिया के बान से
अयरन झुमका बाली ये गोरी
आजमगढ़ से ले आइब
तोहरा खातिर टिकुली कबूतर
गोरखपुर से मंगवाइब
पहिर ओढ़के अइहा पजरवाँ
मुँह पर घुँघटा डारके
कइ देहलू घायल नजरिया के बान से।।
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गीत संख्या 2.
प्राइमरी से पढ़िके मीडिल में गइलू
कहेलू हाय हेल्लो,
बायबाय टा-टा। कहेलू हाय हेल्लो...
सिर से दुपट्टा सरकाय के बबुनी
कान्हे पर लटकावेलू
सूट सलवार के बायकट कइलू
टीशर्ट जींस जब पेन्हेयलू
माई के अपने तू मम्मी कहेलू
पिताजी के पापा। कहेलू हाय हेल्लो.
केश लहरायके अँचरा उड़ावेलू
टपटप हिलवाला सैंडिल बजावेलू
बेग लटकाय लेलू चश्मा जब लगावेलू
सब्जी खरीदे बजार रोज आवेलू
आलू या मिर्ची लेलू चाहे भाँटा
कहेलू हाय हेल्लो...
हाथ में मोबाइल तोहार गजब स्टाइल
चेहरा प हरदम रहेला स्माइल
घरवाँ के चोरी चोरी
ब्यूटी पार्लर में जालू
कहेलू हाय हेल्लो, बायबाय टाटा..।
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तिरछी नजरिया से मत देखा संवरिया
घायल हो जाइब हो
अबहिन बारी बाय तोहार उमरिया संवरिया पागल हो जाइब हो।।
फूल के जइसन कोमल देहियाँ
गजब के भरल बा खुशबू
रचिरचिके जब करेलू सिंगरवा
मनवाँ हो जाला मोर लट्टू
प्रेम के नगरीया में बसलू संवरिया
दिलके चैन चोरवलू हो
अबहिन बारी बा तोहार उमरिया...
आँख के काजर,केश के गजरा और माथे के तोर बिंदिया
रात के सपना दिन में देखवलू
नैन से भागल नींदिया
पूरुवा बहत रहे बयरिया
संवरिया अँचरा ओढ़वलू हो
अबहिन बारी बा तोहार उमरिया...
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लसलस करता लहंगवाँ ये बालम
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम।
देहँ सुकुमार जनि छूवा, सनसनात बा
टूट गइल गेट हमार ,पेट खूब पिरात बा
नाहीं मनला कवनों मोर कहनवाँ ये बालम,
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम।।
लसलस करता लहँगवा ये बालम
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम।।
कवन जड़ी बूटी खाके सेजिया पर आवेला
अपने संगे हमहूँ के नशा खूब चढ़ावेला
जोबना बनवला खेलवनवाँ ये बालम
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम
लसलस करता लहँगवाँ ये बालम
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम।।
हथवा के चूड़ी तोरला कइके बरजोरिया
लगहीं सुताके हमार चाट गइला ललिया
गरमें दूध में डाल देहला जोरनवाँ ये बालम
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम।
लसलस करता लहंगवा ये बालम..
छूवा जनि बथता जोबनवाँ ये बालम।।
गीत नंम्बर 5
माल बाय देशी, विदेशी बुझात बाय
आगे के पोजीशन
आगे के पोजीशन इनकर गड़बड़ बुझात बाय
सूट सलवार से दूरदूर भागेले
लहगाँ आ चोली में ढोंढ़ी देखावेले
नाहीं बाटे शरम हया
तनिको ना लाज बा
नाहीं बाटे शहर ई तो गँवईं के बात बा
माल बा ई देशी विदेशी बुझात बा.....
अइठत चलेलू करेलू बरजोरी
काची बा उमर अबहिन
करा जिन ठिठोली
कुछ दिन में जब तूँ
हो जइबू लरकोरी
पूछी कोई हाल नइखे
बात हमार मान ला
आगे के पोजीशन तोहार गड़बड़ बुझात बा।
नइहर के नाक जिन
कटावा ये सुग्गी
जोगाके रखा एकरा के,
कहियो जाई ना त लूटी।।
फूटही गगरी के कीमत
खुद अपुयें लगायला ।।
नाहीं बा शहर ई तो गँवईं देहात बा
माल बा देशी विदेशी बुझाता
आगे से पोजिशन एकर गड़बड़ बुझात बा।।
मालचन्द कन्नौजिया बेपनाह


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